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सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में सभी आरोपी बरी, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

May 7, 2026 Source: Bharat Pulse Media

सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में सभी आरोपी बरी, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने वर्ष 2005 के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 22 आरोपियों को बरी करने के विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ऐसे ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने में असफल रहा, जिनके आधार पर उन्हें दोषी ठहराया जा सके। मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने सोहराबुद्दीन शेख के भाइयों रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया। इन अपीलों में दिसंबर 2018 में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह मामला नवंबर 2005 का है, जब गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख और उनकी पत्नी कौसर बी की कथित फर्जी मुठभेड़ में मौत हुई थी। सीबीआई के अनुसार, गुजरात और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम ने शेख का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। इसके कुछ दिनों बाद कौसर बी की भी हत्या कर दी गई थी। बाद में इस मामले के प्रमुख गवाह माने जाने वाले तुलसीराम प्रजापति की भी दिसंबर 2006 में कथित फर्जी एनकाउंटर में मौत हो गई थी। मामले में कई पुलिस अधिकारियों पर साजिश, अपहरण और फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया गया था। बरी किए गए 22 आरोपियों में अधिकांश गुजरात और राजस्थान पुलिस के जूनियर अधिकारी शामिल थे। एक आरोपी उस फार्महाउस का मालिक था, जहां कथित तौर पर सोहराबुद्दीन और कौसर बी को गैरकानूनी रूप से रखा गया था। सोहराबुद्दीन के भाइयों ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया था कि ट्रायल के दौरान कई गवाहों की गवाही सही तरीके से दर्ज नहीं की गई और सुनवाई में गंभीर त्रुटियां हुईं। उन्होंने मामले की दोबारा सुनवाई की मांग भी की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि वह निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगा। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद सभी आरोपियों की रिहाई को कानूनी रूप से अंतिम मान्यता मिल गई है।