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दिल्ली-NCR में राहत: 25 दिन बाद AQI 100 से नीचे, बारिश-आंधी का असर
May 5, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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दिल्ली-NCR में इस साल की सबसे साफ हवा दर्ज की गई है। करीब 25 दिनों के बाद राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 100 से नीचे गिरकर 88 तक पहुंच गया, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के एयर बुलेटिन के अनुसार, इस सुधार का मुख्य कारण हाल ही में हुई आंधी, बारिश और तेज हवाएं रही हैं, जिन्होंने हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को काफी हद तक साफ कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान हवा में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂), ओजोन (O₃) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसे प्रदूषक मौजूद रहे, लेकिन इनका स्तर पहले की तुलना में कम रहा। हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत लंबे समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले दिनों में AQI फिर से बढ़कर सामान्य से खराब श्रेणी में जा सकता है।
दिल्ली में इससे पहले 8 अप्रैल को AQI 93 दर्ज किया गया था, और इस साल अब तक केवल तीन बार ही AQI 100 से नीचे गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में भी वायु गुणवत्ता में अंतर देखा गया, जहां शादीपुर में AQI 46 के साथ सबसे साफ हवा रिकॉर्ड की गई। वहीं एनसीआर के अन्य शहरों जैसे फरीदाबाद, गाजियाबाद, गुरुग्राम और नोएडा में AQI 70 से लेकर 114 तक दर्ज हुआ।
प्रशासन ने हालात में सुधार को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को हटा दिया है, जो पहले प्रदूषण बढ़ने के कारण लागू किया गया था। हालांकि, CAQM ने सभी एजेंसियों को सतर्क रहने और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम में लगातार बदलाव और पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के कारण दिल्ली में इस बार गर्मी अपेक्षाकृत कम रही है। मार्च और अप्रैल में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान नियंत्रित रहा और धूल व प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ। इसके साथ ही तेज हवाओं और हल्की बारिश ने वायु गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही मौसम स्थिर होगा, प्रदूषण स्तर फिर से बढ़ सकता है।
इस मौसम के असर से बिजली की मांग में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में पावर डिमांड में 200 से 300 मेगावॉट की कमी देखी गई है, जो यह दर्शाता है कि ठंडे और सुहावने मौसम ने बिजली खपत को भी प्रभावित किया है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-NCR को फिलहाल प्रदूषण और गर्मी दोनों से राहत मिली है, लेकिन यह स्थिति अस्थायी मानी जा रही है और आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता फिर से चुनौती बन सकती है।