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ट्रंप की धमकी के बाद होर्मुज में 7 ईरानी नावें तबाह
May 5, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर टकराव में बदल गया है, जिससे पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। लगभग 18 दिनों के सीजफायर के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। इस नए संघर्ष की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया गया तो ईरान को “धरती से मिटा दिया जाएगा।” इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सात नावों को डुबोने का दावा किया।
अमेरिका के अनुसार, ये नावें अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं। हालांकि, ईरानी मीडिया ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी हमले में आम नागरिकों की दो मालवाहक नौकाएं निशाना बनीं, जिनमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
इस बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए Fujairah (संयुक्त अरब अमीरात) में स्थित एक महत्वपूर्ण तेल सुविधा पर ड्रोन हमला किया। इस हमले से इंडस्ट्रियल एरिया में आग लग गई और तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। यूएई के मुताबिक, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ हमले सफल भी रहे। अब तक इन हमलों में कुल 10 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें कई देशों के नागरिक शामिल हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Bahrain ने नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है। वहीं, वैश्विक बाजार में भी इसका असर दिखने लगा है, जहां तेल की कीमतों में लगभग 6% की तेजी दर्ज की गई है।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन हमलों में अपने देश की भूमिका से इनकार किया है। उनका कहना है कि इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और इसे केवल कूटनीति के जरिए सुलझाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह संघर्ष न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिंता का विषय बन गया है, जिसका असर अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ सकता है।