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Voda Idea Share Price: कर्ज से जूझती कंपनी में तेज उछाल, वजह क्या है?
May 4, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयरों में हाल ही में तेज़ी देखने को मिली, जब कंपनी को दूरसंचार विभाग (DoT) की ओर से अपने AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाए में आंशिक राहत मिली। इस खबर का सीधा असर कंपनी के स्टॉक पर पड़ा और शुरुआती कारोबार में ही शेयरों में मजबूत उछाल दर्ज किया गया। शेयर अपने FPO (Follow-on Public Offer) प्राइस लेवल से भी ऊपर पहुंच गया, जिससे निवेशकों में नई दिलचस्पी देखने को मिली।
गुरुवार, 30 अप्रैल की शाम को DoT ने कंपनी के कुल AGR बकाए में लगभग 27% की कटौती को मंजूरी दी। इससे कंपनी का कुल बकाया 87,695 करोड़ रुपये से घटकर 64,046 करोड़ रुपये रह गया। इस राहत के बाद निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और बाजार में खरीदारी बढ़ गई, जिससे शेयर की कीमत में तेजी आई। हालांकि कुछ निवेशकों ने इस बढ़त का फायदा उठाकर मुनाफावसूली भी की, जिसके चलते बीच-बीच में हल्की गिरावट भी देखने को मिली।
फिलहाल वोडाफोन आइडिया का शेयर बीएसई पर लगभग 10.72 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो करीब 4.89% की बढ़त को दर्शाता है। इंट्रा-डे ट्रेडिंग में यह शेयर 11.24 रुपये के उच्च स्तर तक भी पहुंचा, जहां इसमें लगभग 10% की तेजी देखी गई।
कंपनी को मिली राहत के अनुसार, उसे मार्च 2025 से मार्च 2031 तक कम से कम 124 करोड़ रुपये सालाना भुगतान करना होगा। इसके बाद 2031 से 2035 के बीच यह भुगतान घटकर 100 करोड़ रुपये सालाना रह जाएगा। शेष बकाया राशि 2036 से 2041 के बीच छह समान किस्तों में चुकाई जाएगी।
हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह राहत बाजार की उम्मीदों से कम है। निवेशकों को उम्मीद थी कि बकाया राशि में लगभग 50% तक की कटौती हो सकती है। इसके बावजूद, इस फैसले से कंपनी के निकट भविष्य में नकदी प्रवाह पर दबाव कम होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AGR राहत के बावजूद कंपनी पर अभी भी स्पेक्ट्रम से जुड़ा भारी कर्ज बना हुआ है, जो लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचता है। इसमें आने वाले वर्षों में बड़े भुगतान शामिल हैं, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव बनाए रख सकते हैं।
पिछले एक वर्ष में वोडाफोन आइडिया के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। एक समय यह 6.12 रुपये के 52-सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया था, लेकिन बाद में इसमें तेजी आई और कुछ महीनों में ही यह दोगुने से अधिक बढ़कर 12.80 रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
कुल मिलाकर, AGR राहत ने निवेशकों की भावना को सकारात्मक किया है, लेकिन कंपनी की दीर्घकालिक वित्तीय चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।