Saturday, October 17, 2026
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Chhattisgarh

जनजातीय अंचलों की बेटियों को अंग्रेजी में दक्ष बनाने की पहल, 90 दिवसीय पाठ्यक्रम शुरू

October 17, 2026 Source: Bharat Pulse Media

जनजातीय अंचलों की बेटियों को अंग्रेजी में दक्ष बनाने की पहल, 90 दिवसीय पाठ्यक्रम शुरू
जनजातीय अंचलों की बेटियों को अंग्रेजी में दक्ष बनाने की पहल, 90 दिवसीय पाठ्यक्रम शुरू

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रायपुर, 17 अक्टूबर 2026/ ​उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिलासपुर में अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के अंग्रेजी भाषा में संप्रेषण कौशल के विकास के लिए एक संभाग स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा आयुक्त श्रीमती रीता यादव शामिल हुई। इस कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों के 25 प्राचार्यों, 47 प्राध्यापकों और अन्य 17 प्रतिभागियों सहित कुल 89 लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। ​कार्यक्रम का शुभारंभ शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एवं बिलासपुर संभाग के अपर संचालक द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में इसे उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्द्धन और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इसके बाद, संप्रेषणात्मक अंग्रेजी प्रशिक्षण के राज्य स्तरीय सदस्य तथा बिलासपुर संभाग के नोडल अधिकारी ने प्रशिक्षण की कार्ययोजना और उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। ​ आयुक्त श्रीमती रीता यादव ने अपने प्रेरक उद्बोधन में छात्रहित को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में छात्राओं की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर रविवार व अन्य अवकाश के दिनों में भी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं, जिसके लिए नियमानुसार प्रतिपूरक अवकाश की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि उच्च शिक्षा, रोजगार और व्यक्तित्व विकास के उनके अवसर व्यापक हो सकें। ​कार्यक्रम में डॉ. एम. एस. गुप्ता ने बताया कि छात्राओं के अंग्रेजी संप्रेषण कौशल को निखारने के लिए 90 दिवसीय एक विशेष पाठ्यक्रम की अनुशंसा की गई है, जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शुरू किया गया है। स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सोमाली गुप्ता ने इस पाठ्यक्रम की रूपरेखा, शिक्षण पद्धति और मॉड्यूल तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।