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बंधक बनाए गए न्यायिक अधिकारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी, उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग

April 30, 2026

बंधक बनाए गए न्यायिक अधिकारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी, उच्च स्तरीय समिति बनाने की मांग

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पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना को लेकर Supreme Court of India में एक नई याचिका दायर की गई है। यह याचिका ‘सनातनी संसद’ की ओर से दाखिल की गई है, जिसमें राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय निगरानी समिति गठित की जाए, जो राज्य में कानून-व्यवस्था तंत्र के कामकाज पर नजर रखे। याचिका में यह भी मांग की गई है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों के तबादले निगरानी समिति की पूर्व अनुमति के बिना न किए जाएं, ताकि प्रशासनिक हस्तक्षेप और संभावित दुरुपयोग को रोका जा सके। इसके अलावा, राज्य सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए, जिनमें संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की पर्याप्त तैनाती शामिल हो। याचिका में शिकायत दर्ज करने और उसके निवारण के लिए एक मजबूत और प्रभावी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि आम नागरिक बिना किसी डर या बाधा के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। इस आवेदन में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा का विस्तृत उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता ने National Human Rights Commission और Calcutta High Court की रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया कि उस समय हत्या, बलात्कार और आगजनी जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 60% मामलों में पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी और पीड़ितों को अभी तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिल पाया है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों को डराना-धमकाना किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार को अर्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।