Wednesday, October 7, 2026
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अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के उपचार की बनेगी समग्र कार्ययोजना

October 7, 2026 Source: Bharat Pulse Media

अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के उपचार की बनेगी समग्र कार्ययोजना
अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के उपचार की बनेगी समग्र कार्ययोजना

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रायपुर. 6 अक्टूबर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज बिलासपुर नगर निगम में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने शहर के 70 छोटे-बड़े नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विस्तृत डीपीआर तैयार कर सभी तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्म परीक्षण करने को कहा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने अरपा नदी में नालों के जरिए पहुंच रहे दूषित पानी को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तार से जानकारी ली। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कुल 70 छोटे-बड़े नाले अरपा नदी में मिलते हैं। प्रमुख सचिव ने बैठक में कहा कि इन नालों के जरिए दूषित पानी सीधे नदी में न पहुंचे, इसके लिए प्रभावी और दीर्घकालीन समाधान जरूरी है। नालों के पानी का समुचित उपचार कर ही नदी में प्रवाहित करने की व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने डीपीआर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक नाले की स्थिति और पानी की मात्रा का आकलन कर उपचार एवं आवश्यकतानुसार ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। योजना तैयार करते समय तकनीकी व्यवहार्यता, भविष्य की जरूरतों और इसके दीर्घकालीन प्रभावों सहित सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाला समय पानी का है, इसलिए सतही जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। *शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में लगातार दिखे सुधार* प्रमुख सचिव ने शहर की साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरंतर बनाए रखना जरूरी है। नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे शहर की साफ-सफाई का स्तर लगातार बेहतर हो। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने नगरीय निकायों में संचालित केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। नगरीय सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने पर जोर देते हुए उन्होंने आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा। बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्माणाधीन एजुकेशन हब नालंदा परिसर की प्रगति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 500 लोगों की बैठक क्षमता वाले नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम तल के स्लैब का कार्य पूरा हो गया है तथा द्वितीय तल के स्लैब का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। प्रमुख सचिव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। श्री बोरा ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में अधोसंरचना मद के अंतर्गत कुल 542 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें 334 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 182 प्रगतिरत हैं तथा 26 कार्य अप्रारंभ हैं। प्रमुख सचिव ने प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। *कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण* समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह और निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के साथ तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान आईटीएमएस की पूरी कार्यप्रणाली व संचालन को देखा। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपयोगी बताते हुए श्री बोरा ने शहर के यातायात और सुरक्षा को और भी चाक-चौबंद करने व्यवस्था को और बेहतर बनाने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।