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छत्तीसगढ़ में राजस्व रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, नागरिक सेवाएं होंगी आसान
September 18, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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रायपुर, 17 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए वसुंधरा परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर कार्य शुरू हो गया है। इसके अंतर्गत जिला एवं तहसील स्तर के राजस्व रिकॉर्ड रूम का आधुनिकीकरण और राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने बैठक के दौरान नामांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में स्पष्टता व एकरूपता लाने तथा अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण पर विशेष जोर दिया। इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में कुछ चयनित जिलों के राजस्व अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण होगा, जिसके बाद इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में विस्तारित किया जाएगा।
*सुरक्षित किए जाने वाले प्रमुख दस्तावेज*
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि डिजिटलीकरण के तहत अधिकार अभिलेख पंजी, बंदोबस्त एवं चकबंदी मिसल, निस्तार पत्रक, खसरा, राजस्व न्यायालय के आदेश, मूल ग्राम नक्शे, संशोधन पंजी, वर्ष 2020 से पूर्व के खसरा पंचशाला अभिलेख और किश्तबंदी खतौनी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्कैनिंग व डाटा एंट्री कर उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा।
*सेवा सेतु पोर्टल से एकीकरण*
परियोजना के तहत तैयार किए जाने वाले डिजिटल रिकॉर्ड भंडार को सेवा सेतु से जोड़ा जाएगा। इससे नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन करने, शुल्क भुगतान करने, प्रमाणित डिजिटल प्रतियां प्राप्त करने और आवेदन की स्थिति ट्रैक करने जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।
*आधुनिक तकनीक (AI और OCR) का उपयोग*
रिकॉर्ड रूम के भौतिक अभिलेखों को बारकोड आधारित वर्गीकरण और डिजिटल लोकेशन के जरिए व्यवस्थित किया जाएगा। इसके अलावा, पुरानी और हस्तलिखित दस्तावेजों को आसानी से खोजने के लिए ओसीआर (OCR) तकनीक और एआई (AI) आधारित खोज सुविधा विकसित करने की योजना है, जिससे दस्तावेजों के संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों का काम बेहद आसान हो जाएगा।