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गुजरात में फर्जी डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई, बिना डिग्री क्लिनिक चला रहा आरोपी गिरफ्तार
August 8, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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गुजरात पुलिस ने राज्य में बिना वैध मेडिकल डिग्री के लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में वलसाड जिले के कपराड़ा तालुका से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जयकरण प्रजापत नाम के एक फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
बिना डिग्री किराए के मकान में चल रहा था क्लिनिक
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर (घाटमपुर) का रहने वाला आरोपी जयकरण कपराड़ा के वालवेरी फाटक के पास एक किराए के मकान में अवैध क्लिनिक चला रहा था। सूरत रेंज आईजी प्रेम वीर सिंह और वलसाड एसपी डॉ. युवराजसिंह जडेजा के निर्देशों पर कपराड़ा पुलिस और रोहियाल जंगल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने संयुक्त छापेमारी की। छापेमारी के दौरान आरोपी मरीजों का इलाज करते और एलोपैथिक दवाइयां देते पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से ₹53,751 मूल्य की 31 विभिन्न ब्रांडों की एलोपैथिक दवाइयां जब्त की हैं।
भौगोलिकसंदर्भ
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
कपराड़ा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 125 और गुजरात मेडिकल प्रैक्टिसनर्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राज्यभर में लगातार हो रही कार्रवाई
गुजरात में नीम-हकीमों पर यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है:
जुलाई: दाहोद जिले में बिना आवश्यक लाइसेंस प्रैक्टिस कर रहा फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया।
जून: आनंद जिले के बोरसद में 20 साल से बिना रजिस्ट्रेशन क्लिनिक चला रहे 58 वर्षीय नितिन परमार को गिरफ्तार किया गया।
मार्च: वडोदरा के गजरावाड़ी से धवल कावड़ को एंटीबायोटिक, ग्लूकोज बोतल और स्टेथोस्कोप के साथ दबोचा गया।
गुजरात सरकार द्वारा विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2023 के बीच राज्य में फर्जी डॉक्टरों से जुड़ी 2,724 शिकायतों की जांच की गई, जिसमें 169 लोग फर्जी पाए गए और 154 एफआईआर दर्ज की गईं। प्रशासन ने साफ किया है कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। i need 20 title hi and category