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धमतरी में कृषि क्रांति: 22 नई सहकारी समितियों से किसानों को बड़ी राहत
July 29, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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रायपुर, 29 जुलाई 2026/खरीफ सीजन 2026-27 में छत्तीसगढ के धमतरी जिले के किसानों को कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने और शासन की योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। किसानों की सुविधा और पहुंच को सुगम बनाने के लिए जिले में 22 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का संचालन शुरू किया गया है। इसके साथ ही अब जिले में कुल 96 सक्रिय समितियां 370 ग्राम पंचायतों के 653 गांवों के किसानों को खाद, बीज, ऋण और फसल बीमा जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा रही हैं।
*उर्वरक एवं प्रमाणित बीज वितरण में बना नया कीर्तिमान*
जिले में कृषि आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 29,060 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1,500 मीट्रिक टन अधिक है। मांग को देखते हुए गत वर्ष से 5,000 मीट्रिक टन अधिक उर्वरक का भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है। इसी तरह, गुणवत्तायुक्त उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समितियों के माध्यम से 12,432 क्विंटल प्रमाणित बीज बांटे गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 1,400 क्विंटल अधिक हैं।
*वित्तीय सहयोग में बड़ी छलांग: 350 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 317 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित*
किसानों को खेती- किसानी के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के मामले में भी धमतरी जिला आगे रहा है। कुल 350 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक 317 करोड़ रुपये का कृषि ऋण बांटा जा चुका है। पिछले वर्ष की इसी अवधि (265 करोड़ रुपये) की तुलना में इस बार किसानों को लगभग 57 करोड़ रुपये अधिक का वित्तीय सहयोग मिला है।
*प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन जारी*
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन जारी है। इसके तहत पात्र फसलों में धान (सिंचित/असिंचित), मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी, रागी और मूंगफली शामिल है। किसान अपनी निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, बैंक शाखा, सीएससी (CSC), बीमा कंपनी के पोर्टल/ऐप या पटवारी/कृषि अधिकारियों से संपर्क कर बीमा करा सकते हैं।
*टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर: 14447*
जिला प्रशासन धमतरी का स्पष्ट उद्देश्य है कि सहकारी समितियों के विस्तार, खाद-बीज की निर्बाध आपूर्ति, रिकॉर्ड ऋण वितरण और फसल बीमा के जरिए जिले के हर किसान को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जाए।