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‘ईरान पर हमला करना जरूरी था’, NATO ने खुलकर किया अमेरिका का समर्थन
July 9, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने पहली बार खुलकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का समर्थन किया है। अंकारा में नाटो नेताओं की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुटे ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमला "पूरी तरह जरूरी" था। उनके मुताबिक, जब किसी संघर्ष में युद्धविराम लागू हो और कोई पक्ष लगातार उसका उल्लंघन करे, तो जवाबी कार्रवाई करना उचित और आवश्यक हो जाता है।
मार्क रुटे का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अब तक वह लगातार कहते रहे थे कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष नाटो का युद्ध नहीं है। ऐसे में उनका बदला हुआ रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
रुटे की यह प्रतिक्रिया हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कथित हमलों और उसके जवाब में अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आई है। उनका कहना है कि युद्धविराम का उल्लंघन करने वाले पक्ष के खिलाफ कार्रवाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस बीच, नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सहयोगी देशों को चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा कि यदि ग्रीनलैंड के मुद्दे पर नाटो के सदस्य देश अमेरिका का समर्थन नहीं करते हैं, तो अमेरिका यूरोप से अपने सैनिकों की वापसी पर विचार कर सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के इस कड़े रुख और ग्रीनलैंड विवाद के बीच मार्क रुटे का अमेरिकी कार्रवाई के समर्थन में दिया गया बयान नाटो के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इससे पहले तक नाटो लगातार यही दोहराता रहा था कि ईरान-अमेरिका संघर्ष सैन्य गठबंधन का आधिकारिक अभियान नहीं है।