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US के फैसले से ब्राजील में बढ़ी बेचैनी, वेनेजुएला जैसे ऑपरेशन का डर?
July 9, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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अमेरिका के एक हालिया फैसले ने ब्राजील में राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर नई चिंता पैदा कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने ब्राजील के दो सबसे बड़े आपराधिक संगठनों—कोमांडो वर्मेल्हो (Comando Vermelho-CV) और प्रिमेरो कोमांडो दा कैपिटल (PCC)—को विदेशी आतंकवादी संगठन (Foreign Terrorist Organization-FTO) घोषित कर दिया है। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
FTO की सूची में उन संगठनों को शामिल किया जाता है जिन्हें अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा या नागरिकों के लिए गंभीर खतरा मानता है। इसी सूची में अल-कायदा और ISIS जैसे आतंकी संगठन भी शामिल हैं। ब्राजील सरकार को डर है कि इस फैसले का इस्तेमाल भविष्य में सैन्य हस्तक्षेप या किसी विशेष अभियान के औचित्य के रूप में किया जा सकता है।
ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने संसद को भेजे पत्र में इस कदम को देश की संप्रभुता के लिए संभावित खतरा बताया है। उनका कहना है कि अमेरिका द्वारा इन गिरोहों को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद ब्राजील में किसी तरह के सैन्य अभियान या बाहरी हस्तक्षेप का जोखिम बढ़ सकता है।
ब्राजील सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अमेरिका भविष्य में उसके भीतर कोई ऑपरेशन चला सकता है। इसी वजह से वेनेजुएला समेत उन देशों के उदाहरण दिए जा रहे हैं, जहां अमेरिका ने सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।
हालांकि अभी तक अमेरिका की ओर से ब्राजील में किसी सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस फैसले ने दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा दिया है। ब्राजील इसे अपने आंतरिक मामलों में संभावित दखल के रूप में देख रहा है, जबकि अमेरिका का कहना है कि उसका उद्देश्य संगठित अपराध और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करना है।