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127 करोड़ एक्सटॉर्शन केस: सुकेश चंद्रशेखर के चार सहयोगियों को दिल्ली HC से जमानत
July 8, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 127 करोड़ रुपये के कथित एक्सटॉर्शन मामले में आरोपी अरुण मुथु, बी. मोहनराज, सुधीर और कमलेश कोठारी को जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि चारों लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई जल्द पूरी होने की संभावना नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि 24 आरोपियों और 403 गवाहों वाले इस जटिल मुकदमे में ट्रायल लंबा चल सकता है, इसलिए जमानत देना उचित है।
न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष के अनुसार अरुण मुथु रंगदारी की वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं था। उस पर आरोप है कि उसने सुकेश चंद्रशेखर और लीना पालोस के लिए कथित अपराध से अर्जित धन का प्रबंधन किया, संपत्तियां और लग्जरी कारें खरीदने में मदद की, वित्तीय लेनदेन कराए, लीना की फर्म के बैंकिंग कार्यों में सहयोग दिया और एक वेब सीरीज के निर्माण में भी भूमिका निभाई। अभियोजन का दावा है कि इन सेवाओं के बदले उसे 2.5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
हालांकि, अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि अरुण मुथु की भूमिका कथित धन प्रबंधन से आगे बढ़कर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। इसी आधार पर अदालत ने अन्य तीन सह-आरोपियों को भी जमानत देने का फैसला सुनाया।
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत आदेश में की गई टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निस्तारण तक सीमित हैं और इनका मुकदमे की अंतिम सुनवाई या उसके गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, सह-आरोपी लीना पालोस को पहले जमानत नहीं मिली थी। मई में उसकी याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया वह कथित संगठित अपराध सिंडिकेट की केंद्रीय भूमिका में नजर आती है, इसलिए उसका मामला अन्य आरोपियों से अलग है।