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‘असली कश्मीरी’ नहीं हैं! ख्वाजा आसिफ के बयान से पाकिस्तान में सियासी तूफान, बिलावल ने मांगा इस्तीफा
June 25, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक बयान इन दिनों बड़े विवाद का कारण बन गया है। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सड़कों तक बहस छेड़ दी है। ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा कि रावलाकोट और मीरपुर के निवासी “असली कश्मीरी” नहीं हैं, क्योंकि वे कश्मीरी भाषा के बजाय पोटोहारी और पहाड़ी भाषाएं बोलते हैं।
इस बयान के बाद PoK में लोगों के बीच नाराजगी बढ़ गई है। पहले से ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस टिप्पणी को अपनी पहचान पर हमला बताया है। Joint Awami Action Committee (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलनों के बीच दिया गया यह बयान और अधिक विवादास्पद बन गया है।
पाकिस्तान की संसद में भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के वरिष्ठ नेताओं ने ख्वाजा आसिफ के बयान की कड़ी आलोचना की। पूर्व प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ ने कहा कि किसी वरिष्ठ मंत्री को पूरे क्षेत्र के लोगों के बारे में ऐसा सामान्य और विभाजनकारी बयान नहीं देना चाहिए।
PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सबसे तीखा हमला बोलते हुए ख्वाजा आसिफ के इस्तीफे की मांग कर दी। उन्होंने संसद में सवाल उठाया कि एक रक्षा मंत्री कैसे कश्मीरियों की पहचान पर सवाल खड़ा कर सकता है। बिलावल ने यह भी कहा कि ऐसे बयान राष्ट्रीय एकता को कमजोर करते हैं।
विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में इस मुद्दे पर घमासान जारी है, जबकि विपक्षी दल लगातार रक्षा मंत्री से जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।