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राजस्थान के बाद महाराष्ट्र का बड़ा कदम! शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि छापना हो सकता है अनिवार्य
June 24, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य में शादी के निमंत्रण पत्र यानी विवाह कार्ड पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि छापना अनिवार्य किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे विवाह के समय वर-वधू की उम्र का सत्यापन आसान होगा और नाबालिगों की शादी रोकने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा में कहा कि महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी सरकार को ऐसी व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है। आयोग का सुझाव है कि विवाह पत्रिकाओं पर दूल्हा और दुल्हन की जन्मतिथि अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए, ताकि बाल विवाह के मामलों की पहचान समय रहते की जा सके।
सरकार का कहना है कि यदि शादी के कार्ड पर उम्र संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी तो समाज और प्रशासन दोनों के लिए किसी भी संदिग्ध विवाह की जांच करना आसान हो जाएगा। इससे बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। मंत्री ने यह भी बताया कि राजस्थान में इस तरह की व्यवस्था लागू होने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके आधार पर महाराष्ट्र भी इस मॉडल पर विचार कर रहा है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसकी जिम्मेदारी केवल विवाह करने वाले परिवारों तक सीमित नहीं रहेगी। शादी के कार्ड छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस, बैंक्वेट हॉल, मंगल कार्यालय, विवाह मंडप संचालक और आयोजन से जुड़े अन्य संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय ले सकती है।