Politics
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत पर बीजेपी के सवाल, शेख अब्दुल्ला की भूमिका की जांच की मांग
June 24, 2026 Source: Bharat Pulse Media
Share this article
बीजेपी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 73वीं पुण्यतिथि पर उनकी मौत के मामले को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि 1953 में हिरासत के दौरान हुई मुखर्जी की मौत के पीछे तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चुघ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान जम्मू-कश्मीर के लोगों और देश की एकता के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मुखर्जी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उन्हें किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि अगर कोई जांच हुई थी तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई।
बीजेपी नेता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी अलग संविधान, अलग झंडे और विशेष राजनीतिक व्यवस्था के विरोधी थे, जबकि शेख अब्दुल्ला अनुच्छेद 370 के तहत ऐसी व्यवस्था को बनाए रखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A को हटाकर डॉ. मुखर्जी के संकल्प को पूरा किया और जम्मू-कश्मीर को विकास की नई दिशा दी।
तरुण चुघ ने 1947 में पाकिस्तानी हमले के दौरान मारे गए लोगों की याद में ‘नरसंहार दिवस’ मनाने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का भरोसा दे चुके हैं और यह जल्द ही पूरा होगा। उन्होंने कश्मीर को भारत की पर्यटन राजधानी बताते हुए लोगों से यहां आने की अपील भी की।