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जनजातीय प्रतिभाओं का जलवा, एथलेटिक्स में ओडिशा-झारखंड की टक्कर

April 3, 2026

जनजातीय प्रतिभाओं का जलवा, एथलेटिक्स में ओडिशा-झारखंड की टक्कर

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*जगदलपुर में जनजातीय खेल प्रतिभाओं ने दिखाया दमखम* *ओडिशा ने लहराया परचम, झारखंड को दूसरा स्थान* रायपुर, 2 अप्रैल 2026/ बस्तर के हृदय स्थल जगदलपुर स्थित धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित प्रथम श्खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्सश् की एथलेटिक्स स्पर्धाओं का गुरुवार को भव्य समापन हो गया। 30 मार्च से शुरू हुए इस चार दिवसीय खेल महाकुंभ ने देशभर की जनजातीय प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान किया, जहाँ एथलीटों ने अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन जैसे ही अंतिम दौर के मुकाबले समाप्त हुए, पदक तालिका की तस्वीर साफ हो गई। इस रोमांचक खेल आयोजन में ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों ने अपनी खेल परंपरा और श्रेष्ठता को बरकरार रखते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया। ​पदक तालिका के आंकड़ों पर गौर करें तो ओडिशा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 स्वर्ण, 7 रजत और 9 कांस्य पदकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। ओडिशा को झारखंड से कड़ी टक्कर मिली, जिसने भी 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए, लेकिन अन्य पदकों के समीकरण के आधार पर वह दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, कर्नाटक की टीम 5 स्वर्ण पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रहकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। मेजबान छत्तीसगढ़ के एथलीटों ने भी घरेलू मैदान पर दर्शकों के भारी उत्साह के बीच अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और 1 स्वर्ण, 4 रजत व 1 कांस्य पदक जीतने में सफलता प्राप्त की। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ​प्रतियोगिता के समापन सत्र के दौरान खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जिला पंचायत में खेल एवं युवा समिति के सभापति श्री बनवासी मौर्य, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने कार्यक्रम में शिरकत की। अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस आयोजन ने न केवल जनजातीय युवाओं के खेल कौशल को निखारा है, बल्कि बस्तर की धरती पर खेल संस्कृति को एक नई दिशा भी प्रदान की है।