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अलवर की रेणु से देहरादून की रिया थापा तक… नीट पेपर लीक के बाद 9 छात्रों की मौत, कांग्रेस ने सरकार को घेरा...

June 17, 2026 Source: Bharat Pulse Media

अलवर की रेणु से देहरादून की रिया थापा तक… नीट पेपर लीक के बाद 9 छात्रों की मौत, कांग्रेस ने सरकार को घेरा...
अलवर की रेणु से देहरादून की रिया थापा तक… नीट पेपर लीक के बाद 9 छात्रों की मौत, कांग्रेस ने सरकार को घेरा...

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं और 21 जून को री-नीट आयोजित की जाएगी। इसी बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर दावा किया है कि पेपर लीक और दोबारा परीक्षा के दबाव के कारण अब तक नौ अभ्यर्थियों ने आत्महत्या कर ली है। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में राजस्थान के अलवर की रेणु मीणा और देहरादून की रिया कुमारी थापा का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों छात्राएं डॉक्टर बनने का सपना देख रही थीं, लेकिन पेपर लीक और री-नीट के मानसिक तनाव के कारण उन्होंने अपनी जान दे दी। पार्टी ने दावा किया कि अब तक राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों के कुल नौ छात्रों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस ने इन घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे "अक्षम्य पाप" बताया। पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग भी की है। वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट कर उमेश और रिया का जिक्र करते हुए कहा कि ये मौतें एक टूटी हुई और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि इस वर्ष करीब 23 लाख छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा दी थी। पेपर लीक के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई थी और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली जा रही है, जबकि सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय और उत्तर पुस्तिका में रफ कार्य के लिए अधिक स्थान देने का भी फैसला किया गया है।