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NEET-UG री-टेस्ट की सख्त व्यवस्था पर के. अन्नामलाई का सवाल, बोले- सरकार छात्रों का तनाव बढ़ा रही...
June 16, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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21 जून को होने वाले NEET-UG री-टेस्ट से पहले केंद्र सरकार ने पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। हालांकि, इन इंतजामों को लेकर बीजेपी के पूर्व तमिलनाडु अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती छात्रों के लिए परेशानी और मानसिक दबाव बढ़ा सकती है।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों पर लागू की जा रही व्यवस्थाएं जरूरत से ज्यादा सख्त हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रश्नपत्रों की एयरफोर्स के जरिए ढुलाई, एआई आधारित फेस रिकग्निशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध जैसे कदम क्या वास्तव में छात्रों के हित में हैं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी का मानना है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले लंबी जांच प्रक्रिया छात्रों में घबराहट और तनाव पैदा कर सकती है। उन्होंने परीक्षा अवधि को 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट किए जाने पर भी आपत्ति जताई। अन्नामलाई ने तंज कसते हुए कहा कि यह किसी सैन्य सॉफ्टवेयर की खरीद प्रक्रिया नहीं, बल्कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का री-टेस्ट है।
गौरतलब है कि अन्नामलाई हाल ही में बीजेपी से अलग हुए हैं और अब केंद्र सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं, बीजेपी नेता विनोद सेल्वम ने अन्नामलाई की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा जांच जैसी व्यवस्थाएं किसी भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील परीक्षा के लिए सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।