World
“हम हिटलर जैसे नहीं, सभी दरवाजे बंद नहीं कर सकते”: पाकिस्तान बातचीत पर RSS प्रमुख का होसबोले समर्थन...
June 14, 2026 Source: Bharat Pulse Media
Share this article
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले के बयान का बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होसबोले की टिप्पणी पाकिस्तान की सरकार या वहां की नीतियों के बजाय वहां के आम नागरिकों के साथ संवाद बनाए रखने को लेकर थी। भागवत ने कहा कि संघ की पाकिस्तान को लेकर कोई अलग विदेश नीति नहीं है और वह हमेशा भारत सरकार की आधिकारिक नीति के अनुरूप ही चलता है।
यह बयान RSS के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित एक संवाद सत्र में दिया गया। भागवत ने कहा कि पाकिस्तान में कई ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि भारत का विभाजन एक गलती थी। वहां कुछ पत्रकार और नागरिक ऐसे भी हैं जो RSS के कार्यों की सराहना करते हैं और दो-राष्ट्र सिद्धांत का विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के साथ संवाद बनाए रखना जरूरी है।
मोहन भागवत ने आगे कहा कि यदि भविष्य में भारत को पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की स्थिति में मजबूती से निपटना है, तो वहां के लोगों तक पहुंच बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अन्याय और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जरूरी है, लेकिन सकारात्मक और उपयोगी संबंधों को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में तुलना करते हुए कहा कि भारत की नीति “हिटलर जैसे दृष्टिकोण” से अलग है, जहां सभी दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। भारत का दृष्टिकोण यह है कि कुछ रास्ते हमेशा खुले रहने चाहिए, ताकि संवाद और समाधान की संभावना बनी रहे।
दूसरी ओर, दत्तात्रेय होसबोले ने पहले दिए गए एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत को पाकिस्तान के साथ पूरी तरह संवाद समाप्त नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार राजनयिक संबंध, व्यापार और वीजा जैसी व्यवस्थाएं जारी रहनी चाहिए, हालांकि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं होनी चाहिए।
कुल मिलाकर, बयान का मूल संदेश यह है कि सख्ती और संवाद दोनों को संतुलित रूप में बनाए रखना चाहिए, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ रुख पूरी तरह कठोर रहना चाहिए।