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मुसलमानों की तीसरी पवित्र मस्जिद ‘अल-अक्सा’ पर इजरायल की नई चाल, चार इमारतें खाली कराईं...
June 11, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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इजरायल द्वारा अल-अक्सा मस्जिद परिसर में की गई हालिया कार्रवाई को लेकर तनाव और विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। अल-अक्सा मस्जिद, जिसे इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है, यरुशलम के पुराने शहर में स्थित है और इसे ‘हरम अल-शरीफ’ भी कहा जाता है। मक्का और मदीना के बाद यह स्थान मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है।
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा बलों ने अल-अक्सा परिसर के भीतर स्थित चार अहम इमारतों को खाली करा दिया है। ये इमारतें जॉर्डन समर्थित इस्लामिक वक्फ के प्रशासनिक और धार्मिक कार्यों के लिए उपयोग की जाती थीं। खाली कराई गई इमारतों में इमाम अल-गजाली गुम्बद, दार अल-हदीस अल-शरीफ, कुब्बत सुलेमान और कुब्बत मूसा शामिल हैं, जो परिसर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं।
फिलिस्तीनी संगठन अल-कुद्स इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई सुरक्षा के नाम पर की गई है, लेकिन इसके पीछे अल-अक्सा परिसर पर नियंत्रण बढ़ाने और वक्फ की भूमिका को कमजोर करने की रणनीति है। संगठन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में इजरायली बलों ने इन इमारतों में छापेमारी की, ताले तोड़े और नए ताले लगाने की अनुमति भी नहीं दी, जिसके बाद इन्हें पूरी तरह खाली कर दिया गया।
अल-अक्सा परिसर लगभग 1.44 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें कई मस्जिदें, मदरसे और ऐतिहासिक ढांचे शामिल हैं। 1967 में पूर्वी यरुशलम पर इजरायल के कब्जे के बाद से इस पूरे परिसर के प्रशासन की जिम्मेदारी जॉर्डन समर्थित इस्लामिक वक्फ संभालता आ रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में वक्फ प्रशासन लगातार यह शिकायत करता रहा है कि इजरायली प्रतिबंधों के कारण परिसर में नियमित रखरखाव और कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
इस घटना ने एक बार फिर अल-अक्सा परिसर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशीलता और राजनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है।