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Fixed Deposit RBI MPC 2026: क्या महंगाई बढ़ाएगी FD का रिटर्न? RBI के फैसले पर सबकी नजर ...
June 4, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लाखों लोगों की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून 2026 को MPC के फैसलों की घोषणा करेंगे, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आने वाले समय में FD पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव होगा या नहीं।
हाल के महीनों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये की कमजोरी और महंगाई को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। आमतौर पर जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंक भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए FD पर ब्याज दरों में इजाफा करते हैं। वहीं रेपो रेट घटने पर FD की ब्याज दरों में कटौती देखने को मिलती है।
हालांकि अधिकांश आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल RBI रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे मौजूदा 5.25 प्रतिशत के स्तर पर ही बनाए रख सकता है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में RBI ने कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी, जिसके बाद कई बैंकों ने अपनी FD ब्याज दरें कम कर दी थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार FD की ब्याज दरें केवल रेपो रेट पर निर्भर नहीं करतीं। बैंकों की जमा राशि की स्थिति, ऋण की मांग, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात और बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध लिक्विडिटी जैसे कई अन्य कारक भी ब्याज दरों को प्रभावित करते हैं। यदि बैंकों को अधिक जमा राशि की आवश्यकता होती है, तो वे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए FD पर बेहतर ब्याज दरें दे सकते हैं।
अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई, जो RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य और 6 प्रतिशत की ऊपरी सीमा से नीचे है। ऐसे में अधिकांश अर्थशास्त्री निकट भविष्य में रेपो रेट बढ़ने की संभावना कम मान रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और तेल कीमतों के दबाव के बावजूद RBI के सतर्क रुख अपनाने की उम्मीद जताई जा रही है।