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उपराष्ट्रपति की चेतावनी: सकारात्मक खबरें नहीं दिखेंगी तो युवा ‘कॉकरोच’ को फॉलो करेंगे

June 1, 2026 Source: Bharat Pulse Media

उपराष्ट्रपति की चेतावनी: सकारात्मक खबरें नहीं दिखेंगी तो युवा ‘कॉकरोच’ को फॉलो करेंगे

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मीडिया की भूमिका पर जोर देते हुए कहा है कि समाज को सही दिशा देने और लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए रचनात्मक एवं सकारात्मक पत्रकारिता बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि मीडिया को केवल नकारात्मक घटनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज में हो रहे अच्छे कार्यों, उपलब्धियों और प्रेरणादायक प्रयासों को भी प्रमुखता से सामने लाना चाहिए। मलयालम दैनिक ‘दीपिका’ के 140वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यदि सकारात्मक खबरों को पर्याप्त स्थान नहीं मिलेगा तो युवाओं का ध्यान गलत या भ्रामक प्रवृत्तियों की ओर जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही जानकारी और प्रेरणा तभी मिलेगी जब मीडिया समाज में हो रहे रचनात्मक कार्यों की प्रभावी रिपोर्टिंग करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने बिना नाम लिए व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म **‘कॉकरोच जनता पार्टी’** का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि मीडिया सकारात्मक और विकासोन्मुखी खबरों को महत्व नहीं देगा तो युवा ऐसे प्लेटफॉर्मों या क्षणिक लोकप्रियता हासिल करने वाले कंटेंट की ओर आकर्षित हो सकते हैं। उनके अनुसार, केवल सनसनीखेज या वायरल सामग्री पर आधारित लोकप्रियता लंबे समय तक नहीं टिक सकती। उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर काम कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि वह लोगों तक सकारात्मक संदेश और प्रेरणादायक उदाहरण पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। राधाकृष्णन ने यह भी कहा कि यदि युवाओं के सामने केवल नकारात्मकता, विवाद और तात्कालिक सनसनी पर आधारित सामग्री प्रस्तुत की जाएगी, तो वे वास्तविक उपलब्धियों और रचनात्मक कार्यों से दूर हो सकते हैं। इसलिए मीडिया को समाज के विकास, नवाचार, शिक्षा, विज्ञान, सामाजिक सेवा और अन्य सकारात्मक पहलों को अधिक प्रमुखता देनी चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में इस बात पर विशेष जोर दिया कि अच्छे विचार, सकारात्मक संदेश और प्रेरणादायक कार्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने चाहिए। उनके अनुसार, यही पत्रकारिता का मूल उद्देश्य होना चाहिए और इसी से युवाओं को सही दिशा तथा समाज को मजबूत आधार मिल सकेगा।