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Bitcoin Crash: ETF से $2.8 बिलियन निकले, $72,000 के नीचे लुढ़का बिटकॉइन
May 30, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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बिजनेस डेस्क: वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार एक बार फिर दबाव में नजर आ रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच चिंता का माहौल बन गया है। हालिया कारोबार के दौरान बिटकॉइन महत्वपूर्ण $72,000 के स्तर से नीचे फिसल गया, जिसके बाद पूरे क्रिप्टो बाजार में बिकवाली बढ़ती दिखाई दी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण स्पॉट बिटकॉइन ETF (Exchange-Traded Funds) से बड़े पैमाने पर पूंजी का बाहर निकलना है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हाल के दिनों में इन ETF फंड्स से लगभग **$2.8 बिलियन** की राशि निकाली गई है। यह क्रिप्टो निवेश क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े आउटफ्लो में से एक माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि संस्थागत निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और जोखिम कम करने की रणनीति के चलते यह निकासी हुई है। बड़े निवेशकों की इस गतिविधि ने बाजार की धारणा को कमजोर किया, जिसका सीधा असर बिटकॉइन की कीमत पर पड़ा। बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी दबाव में आ गईं।
गिरावट का असर केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं रहा। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum (ETH) सहित Solana (SOL), Dogecoin (DOGE) और कई अन्य डिजिटल एसेट्स में भी 2% से 5% तक की कमजोरी दर्ज की गई। इससे पूरे क्रिप्टो मार्केट का कुल मार्केट कैप भी प्रभावित हुआ है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक ETF में दोबारा पूंजी का प्रवाह शुरू नहीं होता और संस्थागत निवेशकों का भरोसा मजबूत नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
विशेषज्ञ छोटे निवेशकों को फिलहाल भावनात्मक फैसले लेने से बचने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि क्रिप्टो बाजार में अस्थिरता नई बात नहीं है, लेकिन वर्तमान हालात में सावधानीपूर्वक निवेश करना बेहद जरूरी है।
क्रिप्टो बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए आने वाले कुछ सप्ताह काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि ETF फंड फ्लो और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां बाजार की अगली दिशा तय कर सकती हैं।