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महंगाई का तगड़ा झटका! CNG फिर हुई महंगी, जानें नया रेट
May 30, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में वृद्धि कर दी है। नई दरें 29-30 मई की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।
कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, CNG की खुदरा कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद मुंबई क्षेत्र में CNG का नया रेट 84 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। वहीं घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की वृद्धि की गई है, जिससे इसका मूल्य 52 रुपये प्रति SCM पहुंच गया है।
इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर निजी वाहन चालकों, ऑटो रिक्शा चालकों, टैक्सी संचालकों और अन्य व्यावसायिक वाहनों पर पड़ने की संभावना है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वाहन CNG पर निर्भर हैं। अनुमान है कि इस फैसले से करीब 12 लाख CNG वाहन प्रभावित होंगे, जिनमें लगभग 2.80 लाख ऑटो रिक्शा भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह बढ़ोतरी पिछले 17 दिनों के भीतर दूसरी बार की गई है। लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ रही है। कई वाहन मालिकों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती लागत उनके दैनिक खर्चों को प्रभावित कर रही है।
महानगर गैस लिमिटेड ने कीमतों में वृद्धि के पीछे गैस खरीद लागत में आई तेजी को प्रमुख कारण बताया है। कंपनी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में गैस की लागत बढ़ने से कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था।
इस बीच, ऑटो रिक्शा यूनियनों ने भी किराया बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। रिक्शा यूनियन के नेता थम्पी कुरियन का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए ऑटो किराए में संशोधन जरूरी हो गया है। उनके अनुसार, बेस किराए में वृद्धि के साथ प्रति किलोमीटर लगभग 1.12 रुपये की बढ़ोतरी की जानी चाहिए ताकि चालकों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव को कम किया जा सके।
CNG और PNG की कीमतों में यह नई वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब आम जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई का सामना कर रही है। आने वाले दिनों में इसका असर परिवहन किराए और घरेलू बजट दोनों पर देखने को मिल सकता है।