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मीरा रोड में बकरीद विवाद बढ़ा, विरोध में सुअर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
May 27, 2026 Source: Bharat Pulse Media
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महाराष्ट्र में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। मुंबई से सटे मीरा रोड और घाटकोपर इलाकों में बकरों की कुर्बानी और सोसाइटी परिसरों में जानवर लाए जाने को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। दोनों जगहों पर पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी, जबकि राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता से माहौल और अधिक गर्मा गया।
घाटकोपर की एक सोसाइटी में बीएमसी की अनुमति के बिना करीब 25 बकरे लाए जाने का मामला सामने आया। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बकरों को बाहर निकालने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा। बीएमसी की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और बकरों को हटाने की कोशिश शुरू की गई। इस दौरान सोसाइटी के नीचे बड़ी संख्या में महिलाएं इकट्ठा हो गईं और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी नेता Kirit Somaiya भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, बकरों को हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी, जिसके कारण इलाके का माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
इसी बीच ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके की पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 सोसाइटी में भी बकरियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बड़ी संख्या में बकरियां लाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सुअर लेकर पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। नारेबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
बढ़ते विवाद को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार में राज्यमंत्री Madhuri Misal ने चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के निर्देश दिए हैं। राज्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त और पुणे महानगरपालिका आयुक्त को पत्र लिखकर मीरा रोड की स्थिति की जानकारी दी। पत्र में महिलाओं के साथ गैरवर्तन, छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों जैसी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है।
फिलहाल दोनों इलाकों में पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बकरीद के दौरान किसी प्रकार का सांप्रदायिक तनाव या अप्रिय घटना न हो।