Sunday, July 5, 2026
English edition

India

ममता बनर्जी पर FIR, सनातन धर्म पर कथित टिप्पणी से बढ़ा विवाद

May 27, 2026 Source: Bharat Pulse Media

ममता बनर्जी पर FIR, सनातन धर्म पर कथित टिप्पणी से बढ़ा विवाद

Share this article

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला सनातन धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ममता बनर्जी ने साल 2025 में कोलकाता में आयोजित एक ईद कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म और हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने “गंदा धर्म” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी सिंह की ओर से दर्ज कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस कार्यक्रम में हजारों लोगों के सामने सनातन धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। रिंकी चटर्जी सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पहले भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 351(1), धारा 352 और धारा 353(2) शामिल हैं। इन धाराओं में शांति भंग करने की नीयत से अपमान करना और अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजनीतिक रूप से भी यह मामला काफी चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस पहले ही अंदरूनी संकट से गुजर रही है। पार्टी के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे समय में ममता बनर्जी पर दर्ज हुई यह एफआईआर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है। दिलचस्प बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस के दार्जिलिंग यूनिट के महासचिव और वकील अत्री शर्मा ने भी ममता के कथित बयान को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर भी कई लोग इस टिप्पणी से सहमत नहीं थे और किसी भी नागरिक को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है। हालांकि, इस पूरे मामले पर ममता बनर्जी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।