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इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में उतरा स्टारशिप, NASA ने बजाई तालियां

May 23, 2026 Source: Bharat Pulse Media

इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में उतरा स्टारशिप, NASA ने बजाई तालियां

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एलन मस्क की कंपनी [SpaceX]ने अपने विशाल रॉकेट स्टारशिप V3 का एक और बड़ा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। फ्लाइट-12 टेस्ट के दौरान स्टारशिप ने कई अहम तकनीकी लक्ष्यों को हासिल किया, जिसके बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी [NASA] ने भी इस उपलब्धि का स्वागत किया। हालांकि मिशन के अंतिम चरण में रॉकेट हिंद महासागर में उतरा और बाद में तेज धमाके के साथ नष्ट हो गया, लेकिन इसे असफलता नहीं बल्कि भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। स्टारशिप V3, स्पेसएक्स की नई पीढ़ी का अपग्रेडेड रॉकेट है और यह अब तक का सबसे बड़ा तथा पूरी तरह रीयूजेबल स्पेस सिस्टम माना जाता है। करीब 403 फीट ऊंचे इस विशाल वाहन में ऊपर स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट और नीचे सुपर हेवी बूस्टर शामिल है। भारतीय समयानुसार 23 मई की सुबह हुए इस परीक्षण ने दिखाया कि स्पेसएक्स लगातार अपने मंगल और चंद्र मिशनों के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। लॉन्च के बाद रॉकेट ने सफल उड़ान भरी और कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा किया। मिशन के दौरान इंजन में दिक्कत आने की खबर भी सामने आई, लेकिन इसके बावजूद स्टारशिप नियंत्रित तरीके से हिंद महासागर में उतरा। समुद्र में लैंडिंग के बाद रॉकेट में विस्फोट हुआ, जो पहले से तय परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। इस उपलब्धि के बाद NASA अधिकारियों ने इसे इंसानों को दोबारा चांद पर भेजने की दिशा में बड़ा कदम बताया। NASA की योजना है कि भविष्य के आर्टेमिस-3 मिशन में स्टारशिप को ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम के रूप में इस्तेमाल किया जाए। इसी स्पेसक्राफ्ट के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है। NASA एडमिनिस्ट्रेटर Jared Isaacman ने भी लॉन्च की तस्वीरें साझा करते हुए इसे अमेरिका के स्पेस मिशनों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्टारशिप पूरी तरह सफल और सुरक्षित साबित होता है, तो आने वाले वर्षों में यही तकनीक इंसानों को मंगल ग्रह तक पहुंचाने की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकती है। SpaceX और NASA दोनों के लिए यह टेस्ट भविष्य की अंतरिक्ष यात्रा की नई शुरुआत माना जा रहा है।